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कर दक्षता · PPLI का एक लाभ

PPLI की कर दक्षता: भारतीय निवासी और NRI के लिए क्या वास्तव में बदलता है

₹ 10 करोड़ का सक्रिय विदेशी portfolio, 6 प्रतिशत सकल प्रतिफल, पच्चीस वर्ष। भारतीय निवासी के हाथ में हर वर्ष का लाभ उसी वर्ष कर के दायरे में आता है: 24 महीने से अधिक धारण पर LTCG 12.5 प्रतिशत, उससे कम पर या ब्याज और dividend पर slab दर। PPLI पॉलिसी के भीतर वही निवेश बिना वार्षिक कर के बढ़ता है और कर तभी लगता है जब पैसा हाथ में आता है। लाभ का नाम स्थगन है, छूट नहीं, और भारत में उसकी शर्तें पहले FEMA तय करता है, फिर आयकर।
उदाहरण: वही ₹ 10 करोड़, पच्चीस वर्ष, आय slab दर पर
₹ 26.6 करोड़
पॉलिसी में, 0.60 प्रतिशत वार्षिक लागत के बाद और सरेंडर पर एक बार slab दर (लगभग 39 प्रतिशत, नई कर व्यवस्था में अधिकतम) चुकाने के बाद (कर से पहले ₹ 37.2 करोड़)
₹ 24.6 करोड़
सीधे धारित portfolio में, जहाँ ब्याज, dividend और अल्पकालिक लाभ पर हर वर्ष लगभग 39 प्रतिशत कटता है; buy-and-hold पर LTCG 12.5 प्रतिशत लगे तो यही portfolio ₹ 35.9 करोड़ बनता है और पॉलिसी हार जाती है
सकल प्रतिफल 6 प्रतिशत; slab 30 प्रतिशत + 25 प्रतिशत surcharge + 4 प्रतिशत cess; LTCG धारा 112(1)(a), 1961 अधिनियम। सरेंडर पर कर धारा 56(2)(xiii) के अंतर्गत प्राप्ति पर। हर संख्या नीचे के कैलकुलेटर में बदली जा सकती है।
एक मिनट में

एक ही निवेश पर पच्चीस बार कर या एक बार

01
PPLI के बिना

सीधे धारित विदेशी portfolio में भारतीय निवासी (ROR) की विश्वव्यापी आय भारत में कर योग्य है (धारा 5(1))। विदेशी शेयर और fund units पर 24 महीने बाद LTCG 12.5 प्रतिशत बिना indexation (धारा 112(1)(a)); उससे पहले बेचे गए हिस्से, ब्याज और dividend पर slab दर, जो surcharge और cess के साथ लगभग 39 प्रतिशत तक जाती है। manager बदलने या आवंटन बदलने पर हर बिक्री उसी वर्ष का कर है। जो कर के बाद बचता है, वही आगे बढ़ता है।

02
PPLI के साथ

निवेश बीमाकर्ता के नाम पर पॉलिसी के भीतर रहते हैं। धारा 56(2)(xiii) और धारा 45(1B) "प्राप्त राशि" पर कर लगाती हैं, और Rule 11UACA / Rule 8AD सरेंडर या मैच्योरिटी के समय प्राप्ति में से चुकाए गए प्रीमियम घटाकर गणना करते हैं। पॉलिसी के भीतर बीमाकर्ता द्वारा किया गया पुनर्आवंटन पॉलिसीधारक के लिए कर योग्य घटना नहीं है। इसी में स्थगन है। मृत्यु लाभ प्रीमियम की राशि चाहे जो हो, धारा 10(10D) के आठवें परंतुक (a) के अंतर्गत कर-मुक्त रहता है।

03
बारीक अक्षर

भारतीय निवासी विदेशी बीमाकर्ता से नई जीवन बीमा पॉलिसी RBI की अनुमति के बिना नहीं ले सकता (FEMA 12(R)/2015-RB, Reg. 4); LRS में जीवन बीमा प्रीमियम सूचीबद्ध उद्देश्य नहीं है। 1 अप्रैल 2023 के बाद जारी और ₹ 5 लाख से अधिक वार्षिक प्रीमियम वाली पॉलिसी पर 10(10D) की छूट नहीं मिलती: सरेंडर slab दर पर कर योग्य है, LTCG दर पर नहीं। पॉलिसी Schedule FA में और CRS के ज़रिये आयकर विभाग को दिखती है। असली मामला NRI का है: विदेश में रहते हुए ली गई पॉलिसी लौटने के बाद रखी जा सकती है (Reg. 4(ii)) और RNOR विंडो में विदेशी आय भारत में कर योग्य नहीं होती।

एक निवेश के जीवन के छह क्षण जब कर लगता है

संख्याएँ इस पृष्ठ की हैं: ₹ 10 करोड़, 6 प्रतिशत सकल, पॉलिसी लागत 0.60 प्रतिशत वार्षिक। तीन पाठक: मुंबई का निवासी, दुबई का NRI, और भारत लौटता परिवार। छह में से तीन मामले पॉलिसी के विरुद्ध जाते हैं और उन्हें चिह्नित किया गया है।

दुबई का NRI विदेश में पॉलिसी लेता है और दस वर्ष बाद भारत लौटता है

PPLI के बिना

UAE में व्यक्तिगत आयकर नहीं है, इसलिए वहाँ रहते हुए portfolio पर कर शून्य। भारत लौटकर ROR बनते ही विदेशी portfolio की विश्वव्यापी आय भारत में कर योग्य: हर बिक्री पर 12.5 प्रतिशत या slab, हर dividend पर slab, और Schedule FA में हर खाता।

PPLI के साथ

NRI की विदेशी कमाई FEMA के दायरे से बाहर है, इसलिए पॉलिसी किसी भी आकार में विदेश से fund की जा सकती है। लौटने के बाद पॉलिसी Reg. 4(ii) के अंतर्गत रखी जा सकती है। RNOR के 2 से 3 वर्षों में विदेश में उपार्जित और विदेश में प्राप्त आय भारत में कर योग्य नहीं (धारा 5(1) परंतुक); उसके बाद भी कर तभी जब राशि प्राप्त हो।

Portfolio हर वर्ष ब्याज, dividend और अल्पकालिक लाभ देता है (भारतीय निवासी)

PPLI के बिना

private credit का ब्याज, hedge fund का वितरण और 24 महीने से पहले की बिक्री slab दर पर: लगभग 39 प्रतिशत हर वर्ष। शुद्ध वृद्धि 3.66 प्रतिशत; ₹ 10 करोड़ पच्चीस वर्ष में लगभग ₹ 24.6 करोड़।

PPLI के साथ

रास्ते में कुछ कर योग्य नहीं। लागत के बाद 5.40 प्रतिशत की वृद्धि: ₹ 37.2 करोड़ सकल, और सरेंडर पर slab दर एक बार चुकाने के बाद लगभग ₹ 26.6 करोड़। अंतर ₹ 2 करोड़, और यह अंतर पंद्रह वर्ष से कम अवधि पर लगभग शून्य हो जाता है।

पॉलिसी के विरुद्ध

Buy-and-hold विदेशी equity, LTCG 12.5 प्रतिशत (भारतीय निवासी)

PPLI के बिना

24 महीने से अधिक धारित विदेशी शेयरों पर 12.5 प्रतिशत LTCG (धारा 112(1)(a)), surcharge और cess अलग। वार्षिक realisation मान लें तो भी शुद्ध 5.25 प्रतिशत: ₹ 10 करोड़ से लगभग ₹ 35.9 करोड़।

PPLI के साथ

₹ 5 लाख से अधिक प्रीमियम वाली पॉलिसी 10(10D) से बाहर है, इसलिए सरेंडर पर लाभ "अन्य स्रोतों से आय" के रूप में slab दर पर कर योग्य (धारा 56(2)(xiii)), 12.5 प्रतिशत पर नहीं। ₹ 37.2 करोड़ में से लगभग ₹ 10.6 करोड़ कर: ₹ 26.6 करोड़ बचते हैं। पॉलिसी लगभग ₹ 9 करोड़ से हारती है। कम-turnover equity portfolio के लिए ईमानदार उत्तर "नहीं" है।

पॉलिसी के विरुद्ध

मुंबई का निवासी LRS से नई विदेशी पॉलिसी खरीदना चाहता है

PPLI के बिना

LRS में USD 2,50,000 प्रति वित्त वर्ष विदेशी शेयर, fund और जमा में जा सकते हैं; ₹ 10 लाख से ऊपर की राशि पर 20 प्रतिशत TCS, जो ITR में credit हो जाता है। रास्ता खुला है, बस धीमा।

PPLI के साथ

FEMA 12(R) Reg. 4: निवासी विदेशी बीमाकर्ता की जीवन बीमा पॉलिसी RBI की विशिष्ट या सामान्य अनुमति से ही ले या रख सकता है। कोई सामान्य अनुमति प्रकाशित नहीं मिली; LRS Master Direction और FAQ में जीवन बीमा प्रीमियम अनुमत उद्देश्य नहीं है (health insurance है, Reg. 3)। बिना अनुमति खरीद FEMA का उल्लंघन है। निवासी का यथार्थ रास्ता परिवार के NRI सदस्य, लौटने से पहले बना विदेशी trust, या GIFT City का अनसुलझा विकल्प है।

पॉलिसी के विरुद्ध

LRS से प्रेषण पर TCS: ₹ 2.4 करोड़ भेजने पर ₹ 46 लाख रुक जाते हैं

PPLI के बिना

विदेशी निवेश के लिए LRS प्रेषण "अन्य उद्देश्य" में आता है: ₹ 10 लाख से ऊपर की राशि पर 20 प्रतिशत TCS (धारा 206C(1G), 2025 अधिनियम में धारा 394(1))। USD 2,50,000 (लगभग ₹ 2.4 करोड़) पर लगभग ₹ 46 लाख उसी वर्ष रुकते हैं।

PPLI के साथ

यदि कोई निवासी वैध रूप से प्रीमियम भेज भी सके, TCS वही है। यह कर नहीं, cash-flow लागत है: Form 26AS में दिखता है, ITR में final tax liability के विरुद्ध credit होता है और शेष धारा 244A ब्याज के साथ refund। पॉलिसी यहाँ कुछ नहीं बदलती; NRI विदेशी कमाई से प्रीमियम भरे तो LRS और TCS का प्रश्न ही नहीं उठता।

पॉलिसीधारक की मृत्यु: परिवार को राशि मिलती है

PPLI के बिना

भारत में estate duty नहीं है (1985 से) और उत्तराधिकार में मिली संपत्ति धारा 56(2)(x) से बाहर है। पर विरासत में मिले शेयरों की cost पुराने मालिक की ही रहती है (धारा 49(1)): वारिस बेचेंगे तो पूरा संचित लाभ उनके हाथ में कर योग्य। साथ में probate, विदेशी बैंक की KYC और महीनों की प्रक्रिया।

PPLI के साथ

मृत्यु पर प्राप्त राशि धारा 10(10D) के आठवें परंतुक (a) के अंतर्गत कर-मुक्त है, प्रीमियम की सीमा से स्वतंत्र। ₹ 37.2 करोड़ का पूरा मूल्य नॉमिनी या ट्रस्ट को, बिना उस ₹ 10.6 करोड़ के जो जीवित रहते सरेंडर पर कटता। यह पॉलिसी का सबसे ठोस आयकर-लाभ है, और यही कारण है कि PPLI को पीढ़ी के हस्तांतरण की योजना के रूप में देखा जाता है, नकदी की योजना के रूप में नहीं।

पॉलिसी के भीतर आवंटन, manager और custodian बदलने पर कर क्यों नहीं लगता, और पॉलिसीधारक किस सीमा तक निर्देश दे सकता है, यह निवेश लचीलापन पृष्ठ पर है। मृत्यु के बाद राशि किसे और किस प्रक्रिया से मिलती है, यह उत्तराधिकार नियोजन पृष्ठ पर।

कर-स्थगन का मूल्य: वही निवेश, हर वर्ष कर और एक बार कर

अपनी संख्याएँ पहले मामले पर रखिए। अपनी स्थिति चुनिए: मॉडल उसके साथ बदलता है और स्क्रीन पर बताता है कि किस पंक्ति में हम स्थगन का दावा नहीं करते। हर क्षेत्र संपादन योग्य है, पॉलिसी लागत भी, जिसे बीमाकर्ता के वास्तविक प्रस्ताव से मिलाना चाहिए। सूत्र परिणामों के नीचे हैं।
आपकी संख्याएँ
एक निवेश, उसे रखने के दो तरीके
आपकी स्थिति
भारतीय निवासी (ROR)NRI, UAE (व्यक्तिगत आयकर 0 प्रतिशत)NRI, सिंगापुर (पूंजीगत लाभ पर कर नहीं)NRI, UK (दर संपादन योग्य, स्थगन का दावा नहीं)भारत लौटता NRI (RNOR विंडो)
सीधे portfolio में लाभ पर वार्षिक दर
LTCG 12.5 प्रतिशत (24 महीने से अधिक)Slab लगभग 39 प्रतिशत (STCG, ब्याज, dividend)
सीधे portfolio में, हर वर्ष कर
पॉलिसी में, सरेंडर पर कर के बाद शुद्ध
पॉलिसी में सकल मूल्य, सरेंडर से पहले
सरेंडर पर कर (प्राप्ति में से प्रीमियम घटाकर)
अंत में अंतर, पॉलिसी के पक्ष में
पहले वर्ष में पॉलिसी जो कर स्थगित करती है
अधिकतम लागत जिसके नीचे पॉलिसी रहनी चाहिए
मृत्यु लाभ के रूप में प्राप्त हो तो (10(10D) आठवाँ परंतुक (a))
स्थगन छूट नहीं है: सरेंडर पर प्राप्ति में से चुकाए गए प्रीमियम घटाकर शेष पर उसी वर्ष कर लगता है (Rule 11UACA; ULIP-सदृश पॉलिसी पर धारा 45(1B) और Rule 8AD)। मॉडल एक प्रतिफल और एक दर स्थिर रखता है, surcharge की श्रेणियाँ नहीं बनाता और पॉलिसी के भीतर वार्षिक कर की कोई CBDT स्थिति नहीं मानता, क्योंकि ऐसी कोई प्रकाशित स्थिति नहीं मिली। LRS और FEMA की सीमाओं के लिए पढ़िए LRS, FEMA और विदेशी बीमा; लागत पक्ष के लिए PPLI की लागत और अर्थशास्त्र।
पहले अधिकतम लागत की पंक्ति पढ़िए। पॉलिसी को हर वर्ष उस कर से कम खर्च करना चाहिए जिसे वह स्थगित करती है, और वह संख्या प्रतिफल गुणा दर है: 6 और 12.5 प्रतिशत पर केवल 0.75 अंक, 6 और 39 प्रतिशत पर 2.34 अंक। इसीलिए buy-and-hold equity पर पॉलिसी का तर्क कमज़ोर है और slab दर पर कर योग्य आय (private credit, hedge fund वितरण, अल्पकालिक व्यापार) पर मज़बूत। फिर अंत के अंतर की पंक्ति: वहाँ दिखता है कि सरेंडर के कर के बाद स्थगन का कितना हिस्सा बचता है। UAE और सिंगापुर की पंक्तियों में पहली पंक्ति नहीं है, क्योंकि वहाँ स्थगित करने को कर है ही नहीं; वहाँ पॉलिसी का अर्थ भारत लौटने की योजना, उत्तराधिकार और संरक्षण है।
गोपनीय समीक्षा

स्थगन आपके मामले में कितना मूल्यवान है

एक स्वतंत्र विश्लेषण आपकी संख्याओं पर प्रभाव को फिर से बनाता है: प्रतिफल, turnover, क्षितिज, आवासीय स्थिति और लागत।
गोपनीय। कभी साझा नहीं किया जाता।

पहला प्रश्न कर का नहीं, FEMA का है

भारत में विदेशी जीवन बीमा पॉलिसी का प्रश्न आयकर अधिनियम से पहले विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम पर टिकता है। जो पॉलिसी वैध रूप से ली ही नहीं जा सकती, उसकी कर दक्षता का कोई अर्थ नहीं।
Foreign Exchange Management (Insurance) Regulations, 2015 (अधिसूचना FEMA 12(R)/2015-RB, 29 दिसंबर 2015) का Regulation 4 कहता है कि भारत में निवासी व्यक्ति भारत के बाहर के बीमाकर्ता द्वारा जारी जीवन बीमा पॉलिसी तभी ले या रख सकता है जब वह पॉलिसी RBI की विशिष्ट या सामान्य अनुमति के अंतर्गत हो। RBI Master Direction No. 9/2015-16 (बीमा) में सामान्य अनुमति केवल उन विदेशी मुद्रा पॉलिसियों के लिए है जिनका प्रीमियम RFC खाते या लौटे भारतीयों की पात्र विदेशी मुद्रा संपत्ति से चुकाया जाए; अन्यथा RBI की पूर्व स्वीकृति चाहिए। निवासी को नई विदेशी जीवन बीमा पॉलिसी लेने की कोई सामान्य अनुमति हमारी खोज में नहीं मिली, और व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार NRI-काल की पॉलिसी का प्रीमियम भारतीय निवासी निधि से भरना भी FEMA का उल्लंघन है।
Regulation 4 का परंतुक जोड़ता है: जहाँ प्रीमियम भारत से प्रेषण करके चुकाया गया हो, पॉलिसीधारक मैच्योरिटी या दावे की राशि प्राप्ति के सात दिनों के भीतर सामान्य बैंकिंग माध्यम से भारत लाएगा। और Regulation 4(ii), जो इस पूरे पृष्ठ की धुरी है: भारत में निवासी व्यक्ति भारत के बाहर के बीमाकर्ता की ऐसी किसी भी जीवन बीमा पॉलिसी को रख सकता है जो उसने भारत के बाहर निवासी रहते हुए ली थी। NRI रहते हुए ली गई पॉलिसी लौटने के बाद वैध है, बिना किसी अनुमति के। Regulation 3 की LRS-सीमा वाली सामान्य अनुमति स्पष्ट रूप से health insurance के लिए है, जीवन बीमा के लिए नहीं।

निवासी के लिए इसका अर्थ

एक भारतीय निवासी के तीन यथार्थ रास्ते हैं। पहला, परिवार का NRI सदस्य: दुबई, सिंगापुर या लंदन में रहने वाला बेटा, बेटी या भाई अपनी विदेशी कमाई से पॉलिसी लेता है, क्योंकि NRI का विदेशी धन FEMA के अर्थ में "निवासी की विदेशी मुद्रा" नहीं है। दूसरा, भारत लौटने से पहले, अनिवासी रहते हुए, स्थापित विदेशी trust, जिसके भीतर पॉलिसी रहे; यह उत्तराधिकार और संरक्षण पृष्ठों का विषय है और इसकी कर-पारदर्शिता (धारा 164, अधिकतम सीमांत दर) अलग से देखनी चाहिए। तीसरा, GIFT City (IFSC) की IIO पॉलिसी, जिसे हम अनसुलझा मानते हैं: RBI के 10 जुलाई 2024 के परिपत्र ने LRS प्रेषण IFSC को "सभी अनुमत उद्देश्यों" के लिए खोला, और Finance Act 2025 ने IIO पॉलिसियों को 10(10D) की प्रीमियम सीमा से छूट दी, पर FEMA 12(R) Reg. 4 की अनुमति-शर्त ज्यों की त्यों है और नवंबर 2024 के Cyril Amarchand Mangaldas नोट के बाद कोई RBI स्पष्टीकरण हमें नहीं मिला। जो सलाहकार आपको कहे कि LRS से विदेशी PPLI का प्रीमियम "बस भेज दीजिए", उससे Reg. 4 की अनुमति का कागज़ माँगिए।

LRS की सीमा और 20 प्रतिशत TCS

यदि किसी ढाँचे में निवासी का प्रेषण वैध हो भी, तो LRS की मात्रा और TCS की नकदी उसे PPLI के पैमाने से बहुत नीचे रखती है।
Liberalised Remittance Scheme के अंतर्गत निवासी व्यक्ति प्रति वित्त वर्ष (अप्रैल से मार्च) USD 2,50,000 तक भेज सकता है, अवयस्क सहित (RBI Master Direction, 6 सितंबर 2024 तक अद्यतन)। अनुमत पूंजी-खाता उपयोग: विदेश में विदेशी मुद्रा खाते, अचल संपत्ति, ODI/OPI, NRI रिश्तेदारों को ऋण। चालू-खाता उपयोग: निजी यात्रा, उपहार, प्रवास, रिश्तेदारों का भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा, व्यावसायिक यात्रा और "कोई अन्य चालू खाता लेनदेन"। Master Direction और RBI FAQ, दोनों में बीमा प्रीमियम अनुमत उद्देश्य के रूप में कहीं नहीं है; यह अनुपस्थिति हमने जाँची है। लगभग 96 रुपये प्रति डॉलर पर यह सीमा लगभग ₹ 2.4 करोड़ प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है, जबकि PPLI का सार्थक पैमाना USD 2 से 5 मिलियन से शुरू होता है। एक परिवार के चार सदस्य मिलकर भी एक वर्ष में ₹ 10 करोड़ से कम भेज सकते हैं, और वह भी केवल उन उद्देश्यों के लिए जो सूची में हैं।

TCS: कर नहीं, cash-flow

धारा 206C(1G) (1961 अधिनियम; 2025 अधिनियम में धारा 394(1)) के अंतर्गत LRS प्रेषण पर स्रोत पर कर संग्रह होता है। Finance Act 2025 से सीमा ₹ 10 लाख प्रति वित्त वर्ष है। 2026 के बजट भाषण के अनुसार शिक्षा और चिकित्सा पर ₹ 10 लाख से ऊपर 2 प्रतिशत, विदेशी tour package पर 2 प्रतिशत, और "शिक्षा या चिकित्सा के अतिरिक्त उद्देश्यों" पर ₹ 10 लाख से ऊपर 20 प्रतिशत यथावत; Finance Act 2026 का अधिनियमित पाठ हमने नहीं देखा, इसलिए इसे रिपोर्ट किए गए भाषण के रूप में लीजिए। विदेशी निवेश या बीमा प्रीमियम "अन्य उद्देश्य" है: पूरे USD 2,50,000 पर (₹ 2.4 करोड़ घटा ₹ 10 लाख) गुणा 20 प्रतिशत, यानी लगभग ₹ 46 लाख उसी वर्ष बैंक द्वारा रोका जाता है। यह राशि Form 26AS में दिखती है, Form 27D प्रमाणपत्र मिलता है, ITR में अंतिम कर देयता के विरुद्ध credit होती है और शेष धारा 244A के ब्याज सहित refund। इसलिए TCS स्थायी लागत नहीं है, पर यह ₹ 46 लाख महीनों तक निवेश से बाहर रहते हैं। NRI विदेशी कमाई से प्रीमियम भरे तो न LRS है, न TCS।

धारा 10(10D): छूट किसे मिलती है और PPLI को क्यों नहीं

भारतीय जीवन बीमा का पूरा कर-तर्क धारा 10(10D) पर खड़ा है। 2021 और 2023 के संशोधनों ने उसे बड़े प्रीमियम के लिए बंद कर दिया, मृत्यु को छोड़कर।
धारा 10(10D) जीवन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त किसी भी राशि को कर से छूट देती है, कुछ शर्तों पर। उप-खंड (d): 1 अप्रैल 2012 के बाद जारी पॉलिसी पर किसी भी वर्ष का प्रीमियम वास्तविक बीमित राशि के 10 प्रतिशत से अधिक हो तो छूट नहीं। चौथा और पाँचवाँ परंतुक (Finance Act 2021): 1 फरवरी 2021 के बाद जारी ULIP का वार्षिक प्रीमियम, अकेले या मिलाकर, ₹ 2,50,000 से अधिक हो तो छूट समाप्त; ऐसी प्राप्ति धारा 45(1B) के अंतर्गत पूंजीगत लाभ है, Rule 8AD से गणना (प्राप्त राशि घटा कुल प्रीमियम), धारा 112A का उपचार। छठा और सातवाँ परंतुक (Finance Act 2023, AY 2024-25 से): 1 अप्रैल 2023 के बाद जारी गैर-ULIP पॉलिसी का प्रीमियम किसी भी वर्ष ₹ 5,00,000 से अधिक हो तो छूट समाप्त। CBDT परिपत्र 15/2023 (16 अगस्त 2023) और Rule 11UACA: कर योग्य राशि = प्राप्ति घटा वह कुल प्रीमियम जो पहले घटाया न गया हो; ₹ 5 लाख की सीमा GST के बिना गिनी जाती है। गैर-छूट प्राप्ति "अन्य स्रोतों से आय" है, धारा 56(2)(xiii), slab दर पर।
PPLI का प्रीमियम ₹ 5 लाख नहीं, ₹ 5 करोड़ या उससे कई गुना होता है। इसलिए 1 अप्रैल 2023 के बाद जारी कोई भी PPLI पॉलिसी सरेंडर या मैच्योरिटी पर 10(10D) की छूट नहीं पाएगी। जो बचता है वह आठवाँ परंतुक है (Finance Act 2025 द्वारा प्रतिस्थापित, 1 अप्रैल 2025 से): चौथे से सातवें परंतुक "किसी व्यक्ति की मृत्यु पर प्राप्त राशि" पर लागू नहीं होते, और न ही IFSC बीमा मध्यस्थ कार्यालय द्वारा जारी पॉलिसी पर। मृत्यु लाभ प्रीमियम के आकार से स्वतंत्र कर-मुक्त है। यही PPLI का एकमात्र पूर्ण आयकर-लाभ है, और इसीलिए इस पृष्ठ का हर उदाहरण सरेंडर पर slab दर मानता है और मृत्यु पर शून्य।

विदेशी बीमाकर्ता और 10(10D): दो न्यायाधिकरण निर्णय

धारा 2(28BB) "बीमाकर्ता" को Insurance Act 1938 के अंतर्गत पंजीकृत भारतीय बीमा कंपनी के रूप में परिभाषित करती है, पर धारा 10(10D) "जीवन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त राशि" कहती है, परिभाषित शब्द "बीमाकर्ता" नहीं। ITAT मुंबई ने Taragauri T. Doshi v ITO (ITA No. 549/Mum/2010, 12 मार्च 2012) में American Life Insurance Co. की पॉलिसी पर छूट दी और कहा कि 2(28BB) की परिभाषा 10(10D) में आयात नहीं होती। ITAT दिल्ली ने Sarvesh Naidu v DDIT (Inv.) (आदेश 11 अगस्त 2026) में 2005 में दुबई में ली गई RL360 (Isle of Man) पॉलिसी को, जिसका प्रीमियम लौटने के बाद भारत से जारी रहा और जो 2016 में USD 52,897 पर मैच्योर हुई, काला धन अधिनियम के अंतर्गत "अप्रकट विदेशी संपत्ति" नहीं माना और 10(10D) की छूट स्वीकार की। ये न्यायाधिकरण निर्णय हैं, स्थापित विधि नहीं; और PPLI के पैमाने पर उनका व्यावहारिक महत्व सीमित है, क्योंकि ₹ 5 लाख की सीमा विदेशी पॉलिसी पर ठीक वैसे ही लागू होती है जैसे भारतीय पर। उनका महत्व दूसरा है: वे कहते हैं कि विदेशी बीमाकर्ता की पॉलिसी भारतीय आयकर के अर्थ में जीवन बीमा पॉलिसी है, इसलिए मृत्यु लाभ की छूट और प्राप्ति-आधारित कर, दोनों उस पर लागू होते हैं।

स्थगन: प्रकाशित स्थिति की अनुपस्थिति

प्रभार प्रावधान प्राप्ति पर कर लगाते हैं: धारा 56(2)(xiii) "जीवन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त कोई राशि", धारा 45(1B) "ULIP के अंतर्गत प्राप्त कोई राशि", और Rule 11UACA / Rule 8AD प्राप्ति के वर्ष में गणना करते हैं। पॉलिसी के भीतर अवास्तविक वृद्धि पर वार्षिक कर लगाने वाला कोई CBDT परिपत्र या भारतीय निर्णय हमें नहीं मिला। हम इसे "कोई प्रकाशित स्थिति नहीं मिली" कहते हैं, "पुष्ट" नहीं: अनुपस्थिति प्रमाण नहीं है। ₹ 10 करोड़ से ऊपर की किसी भी पॉलिसी से पहले भारतीय कर सलाहकार से लिखित राय लीजिए जो 2025 अधिनियम की समतुल्य धाराओं को नाम से पहचाने।

अंकगणित

₹ 10 करोड़, 6 प्रतिशत सकल, आय slab दर पर हर वर्ष कर योग्य। नई कर व्यवस्था में 30 प्रतिशत slab, 25 प्रतिशत surcharge और 4 प्रतिशत cess मिलाकर प्रभावी दर 39 प्रतिशत। शुद्ध वृद्धि 6 गुणा (1 घटा 0.39) = 3.66 प्रतिशत; 1.0366 की पच्चीसवीं घात लगभग 2.456, यानी ₹ 24.56 करोड़। पॉलिसी में सकल 6 प्रतिशत, 0.60 प्रतिशत लागत घटाकर 5.40 प्रतिशत; 1.054 की पच्चीसवीं घात लगभग 3.724, यानी ₹ 37.24 करोड़। सरेंडर पर (37.24 घटा 10) गुणा 0.39 = ₹ 10.62 करोड़ कर; शेष ₹ 26.62 करोड़, portfolio से लगभग ₹ 2.06 करोड़ अधिक। पंद्रह वर्ष पर दोनों लगभग बराबर (₹ 17.1 बनाम ₹ 17.3 करोड़); दस वर्ष पर पॉलिसी हारती है। और यदि portfolio buy-and-hold equity है जिस पर 12.5 प्रतिशत LTCG लगता है, तो सीधे धारण में ₹ 35.9 करोड़ बनते हैं और पॉलिसी ₹ 9 करोड़ से हारती है, क्योंकि वह 12.5 प्रतिशत की दर को 39 प्रतिशत की दर में बदल देती है। स्थगन को समय, प्रतिफल और slab दर पर कर योग्य आय चाहिए; तीनों में से कोई न हो, तो उत्तर "नहीं" है।

कुछ भी छिपा नहीं: Schedule FA, काला धन अधिनियम और CRS

विदेशी पॉलिसी भारतीय निवासी की सबसे पूर्णतः घोषित संपत्तियों में से एक है। जो ढाँचा इस पर टिके कि आयकर विभाग उसे न देखे, वह ढाँचा नहीं, अपराध है।
ROR करदाता ITR-2 / ITR-3 की Schedule FA में कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसंबर) के दौरान किसी भी समय धारित विदेशी संपत्ति घोषित करता है, और उसमें "Foreign Cash Value Insurance Contract or Annuity Contract" की अलग तालिका है जिसमें cash या surrender value लिखनी होती है (व्यवसायी मार्गदर्शिकाओं में तालिका A4; ITR utility का सटीक लेबल हमने नहीं जाँचा)। RNOR और अनिवासी को Schedule FA नहीं भरनी होती। Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015: अप्रकट विदेशी आय और संपत्ति पर 30 प्रतिशत कर (धारा 3), ITR में विदेशी संपत्ति न बताने या गलत बताने पर ₹ 10 लाख प्रति वर्ष का दंड (धाराएँ 42/43) और सात वर्ष तक के कठोर कारावास सहित अभियोजन (धाराएँ 49/50)। Finance (No. 2) Act 2024 से (1 अक्टूबर 2024) अचल संपत्ति को छोड़कर कुल विदेशी संपत्ति ₹ 20 लाख तक हो तो 42/43 का दंड नहीं, और CBDT ने (सितंबर 2025 में रिपोर्ट) स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अभियोजन भी नहीं। PPLI के पैमाने पर यह राहत अप्रासंगिक है।
भारत ने 3 जून 2015 को CRS का MCAA हस्ताक्षरित किया; कैलेंडर 2016 की पहली रिपोर्टिंग 31 मई 2017 तक हुई, यानी 2017 से आदान-प्रदान चल रहा है। अमेरिका के साथ FATCA IGA 9 जुलाई 2015 का है। कानूनी आधार धारा 285BA, Rules 114F से 114H और Form 61B; CBDT की FATCA/CRS मार्गदर्शिका के अनुसार cash value insurance contract रिपोर्ट योग्य वित्तीय खाता है, CRS में बिना किसी न्यूनतम सीमा के। लक्ज़मबर्ग, सिंगापुर या Isle of Man का बीमाकर्ता भारतीय निवासी की पॉलिसी अपनी कर प्राधिकरण को रिपोर्ट करता है, जो उसे CBDT से साझा करती है। PPLI छिपाने का साधन नहीं है; उसका लाभ वैध स्थगन, मृत्यु लाभ की छूट और उत्तराधिकार की प्रक्रिया है। कौन क्या देख सकता है, और किससे गोपनीयता वैध है, यह गोपनीयता और विश्वसनीयता पृष्ठ का विषय है।

NRI और लौटता NRI: RNOR विंडो

इस पृष्ठ का सबसे मज़बूत मामला उस व्यक्ति का है जो अभी अनिवासी है और जानता है कि एक दिन लौटेगा। योजना विदेश में रहते हुए बनती है, भारत लौटकर नहीं।
धारा 6(1): वित्त वर्ष में 182 दिन या अधिक भारत में, या 60 दिन और पिछले चार वर्षों में 365 दिन, तो निवासी; भारत-स्रोत आय ₹ 15 लाख से अधिक वाले भारतीय नागरिक या PIO के लिए 60 दिन की सीमा 120 दिन (Explanation 1(b), Finance Act 2020)। धारा 6(1A): ₹ 15 लाख से अधिक भारत-स्रोत आय वाला भारतीय नागरिक जो अधिवास या निवास के कारण किसी अन्य देश में कर योग्य न हो, deemed resident, और 6(6)(c) से RNOR। धारा 6(6) RNOR: पिछले दस में से नौ वर्ष अनिवासी, या पिछले सात वर्षों में 729 दिन या कम भारत में, या deemed resident, या ₹ 15 लाख से अधिक आय वाला नागरिक/PIO जो 120 से 181 दिन रहा। धारा 5(1) का परंतुक: RNOR की भारत के बाहर उपार्जित आय भारत में शामिल नहीं, "जब तक वह भारत में नियंत्रित व्यवसाय या भारत में स्थापित पेशे से न हो"; भारत में प्राप्त विदेशी आय कर योग्य रहती है। ये नियम हमने द्वितीयक स्रोतों से पुष्ट किए हैं; प्रकाशन से पहले incometaxindia.gov.in का पाठ देखा जाना चाहिए।
व्यावहारिक परिणाम, जो व्यवसायी विश्लेषण में व्यापक रूप से कहा जाता है: दस में से नौ वर्ष अनिवासी रहा व्यक्ति लौटने के बाद सामान्यतः 2 से 3 कर वर्षों तक RNOR रहता है। इस विंडो में विदेशी पॉलिसी का आंशिक सरेंडर या निकासी, जो विदेश में उपार्जित और विदेश में प्राप्त हो, भारतीय कर से बाहर है, और Schedule FA भी नहीं भरनी। विंडो के बाद ROR: कर केवल प्राप्ति पर (स्थगन जारी), मृत्यु लाभ कर-मुक्त, और पॉलिसी Reg. 4(ii) के अंतर्गत वैध। एक बात जो अक्सर छूट जाती है: राशि विदेश में प्राप्त होनी चाहिए; भारतीय खाते में सीधे आई विदेशी आय RNOR के लिए भी कर योग्य है। पूरा क्रम भारत लौटने वाले NRI के लिए PPLI में है।

मेज़बान देश: जो मामले को मज़बूत करते हैं, और जो उलझाते हैं

UAE: व्यक्तिगत आयकर नहीं (u.ae); कंपनी कर 9 प्रतिशत केवल AED 3,75,000 से ऊपर की व्यावसायिक आय पर, व्यक्तिगत निवेश आय बाहर (Cabinet Decision 49/2023, हल्की जाँच); उत्तराधिकार कर नहीं; गैर-मुस्लिमों के लिए DIFC Wills। सिंगापुर: 15 फरवरी 2008 से estate duty समाप्त (IRAS), पूंजीगत लाभ पर कर नहीं, व्यक्तियों को जीवन बीमा भुगतान कर योग्य नहीं (द्वितीयक स्रोत)। इन दोनों में सीधे portfolio पर स्थगित करने को कर नहीं है; पॉलिसी का अर्थ भारत लौटने की तैयारी, उत्तराधिकार और संरक्षण है, आयकर-स्थगन नहीं। UK: 6 अप्रैल 2025 से remittance basis समाप्त, दस वर्ष अनिवासी रहे आगंतुकों के लिए चार वर्ष का FIG regime, और IHT निवास-आधारित: पिछले बीस में से दस कर वर्ष UK-निवासी होने पर विश्वव्यापी संपत्ति दायरे में, जाने के बाद 3 से 10 वर्ष की "पूँछ" (KPMG UK)। UK-निवासी की विदेशी पॉलिसी chargeable-event regime में आती है, जिसका विवरण हमने सत्यापित नहीं किया; इसलिए कैलकुलेटर UK पंक्ति में स्थगन का दावा नहीं करता। अमेरिका: US person की पॉलिसी IRC §7702 पर खरी उतरनी चाहिए, अंतर्निहित fund पर PFIC जोखिम, विदेशी जीवन बीमाकर्ता को प्रीमियम पर 1 प्रतिशत federal excise tax (§4371), Form 8938 और FBAR में cash value। न्यूयॉर्क का NRI परिवार भारतीय पृष्ठ से नहीं, अमेरिकी सलाहकार से शुरू करे।

Income-tax Act 2025: धाराओं का पत्राचार

1 अप्रैल 2026 से नया अधिनियम लागू है। इस पृष्ठ की हर धारा 1961 अधिनियम की है, क्योंकि हर प्राथमिक स्रोत और हर निर्णय अभी उसी को उद्धृत करता है।
Income-tax Act, 2025 (Act 30 of 2025) को 21 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली और यह कर वर्ष 2026-27 से, यानी 1 अप्रैल 2026 से, 1961 अधिनियम का स्थान लेता है। इस पृष्ठ पर उद्धृत धाराएँ 1961 अधिनियम की हैं (1961 अधिनियम; 2025 अधिनियम में समतुल्य धारा)। हमने केवल तीन पत्राचार द्वितीयक तालिकाओं में देखे: धारा 206C(1G) से धारा 394(1), धारा 6 से धारा 6, धारा 5 से धारा 5। धारा 10(10D), 45(1B), 56(2)(xiii), 112, 112A और 164 की 2025 संख्याएँ हमने आधिकारिक concordance से सत्यापित नहीं कीं और इसलिए नहीं लिखतीं। कोई भी लिखित राय 2025 अधिनियम की धारा संख्या से होनी चाहिए, 1961 की स्मृति से नहीं। क्या बदला और क्या नहीं, इसकी हमारी टिप्पणी Income-tax Act 2025 और विदेशी बीमा में है।

PPLI जो नहीं करता

पॉलिसी का तर्क तभी टिकता है जब उसकी सीमाएँ उसके बगल में लिखी हों।

यह भारतीय निवासी को नई पॉलिसी का अधिकार नहीं देता

FEMA 12(R) Reg. 4 की RBI अनुमति के बिना निवासी विदेशी जीवन बीमा पॉलिसी नहीं ले सकता, LRS में जीवन बीमा प्रीमियम नहीं है, और GIFT City का रास्ता अनसुलझा है। पॉलिसी NRI रहते हुए ली जाती है और लौटने के बाद रखी जाती है। भारत में रहते हुए जो सलाहकार आपको विदेशी PPLI बेचे, वह या तो अनुमति का पत्र दिखाए या FEMA का उल्लंघन करवा रहा है।

यह कर-मुक्त नहीं है और 12.5 प्रतिशत को 39 प्रतिशत में बदल सकता है

₹ 5 लाख से अधिक प्रीमियम पर 10(10D) की छूट नहीं। सरेंडर पर प्राप्ति में से प्रीमियम घटाकर शेष "अन्य स्रोतों से आय" है, slab दर पर, जो 24 महीने बाद बेचे गए विदेशी शेयरों की 12.5 प्रतिशत LTCG दर से बहुत ऊपर है। buy-and-hold equity portfolio पर पॉलिसी हारती है; उसका तर्क slab दर पर कर योग्य आय, लंबे क्षितिज, मृत्यु लाभ और उत्तराधिकार पर टिकता है। स्थगन की कोई CBDT पुष्टि नहीं है; लिखित राय लीजिए।

यह आयकर विभाग से कुछ नहीं छिपाता, और कम क्षितिज पर लागत नहीं निकालता

Schedule FA में हर वर्ष, CRS से 2017 से, काला धन अधिनियम में 30 प्रतिशत और ₹ 10 लाख प्रति वर्ष। दस वर्ष से कम क्षितिज, कम turnover या 1 प्रतिशत से ऊपर की लागत पर स्थगन लागत को नहीं हराता: इस पृष्ठ की संख्याओं पर पॉलिसी दस वर्ष में हारती है और पंद्रह में बराबर रहती है। पॉलिसी आपके परिवार के लिए है या नहीं, यह PPLI किसके लिए है में, और यह है क्या, PPLI एक नज़र में में। लेनदारों से क्या सुरक्षित है, यह संपत्ति सुरक्षा पृष्ठ का विषय है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या PPLI भारत में कर-मुक्त है?

नहीं। 1 अप्रैल 2023 के बाद जारी और ₹ 5 लाख से अधिक वार्षिक प्रीमियम वाली पॉलिसी (ULIP-सदृश: ₹ 2.5 लाख) पर धारा 10(10D) की छूट नहीं मिलती। सरेंडर या मैच्योरिटी पर प्राप्ति में से चुकाए गए प्रीमियम घटाकर शेष धारा 56(2)(xiii) के अंतर्गत slab दर पर कर योग्य है (ULIP-सदृश पर धारा 45(1B), पूंजीगत लाभ)। जो कर-मुक्त रहता है वह मृत्यु पर प्राप्त राशि है, आठवें परंतुक (a) के अंतर्गत, प्रीमियम के आकार से स्वतंत्र। बाकी स्थगन है: कर तभी जब पैसा हाथ में आए।

क्या भारतीय निवासी विदेशी बीमाकर्ता से PPLI खरीद सकता है?

RBI की विशिष्ट या सामान्य अनुमति के बिना नहीं (FEMA 12(R)/2015-RB, Reg. 4)। नई विदेशी जीवन बीमा पॉलिसी के लिए कोई सामान्य अनुमति प्रकाशित नहीं मिली, और LRS में जीवन बीमा प्रीमियम अनुमत उद्देश्य नहीं है। जो पॉलिसी अनिवासी रहते हुए ली गई, वह लौटने के बाद Reg. 4(ii) के अंतर्गत रखी जा सकती है। निवासी के यथार्थ रास्ते परिवार का NRI सदस्य, लौटने से पहले बना विदेशी trust, या GIFT City का अनसुलझा विकल्प हैं।

सरेंडर पर कर कैसे लगता है?

Rule 11UACA (CBDT परिपत्र 15/2023) के अनुसार कर योग्य राशि = प्राप्त राशि घटा वह कुल प्रीमियम जो पहले घटाया न गया हो; यह "अन्य स्रोतों से आय" है और slab दर पर कर योग्य, जो surcharge और cess सहित नई व्यवस्था में लगभग 39 प्रतिशत तक जाती है। यह 24 महीने से अधिक धारित विदेशी शेयरों की 12.5 प्रतिशत LTCG दर नहीं है। इस पृष्ठ की संख्याओं पर दस वर्ष में पॉलिसी सीधे portfolio से कम देती है।

मृत्यु पर क्या होता है?

मृत्यु पर प्राप्त राशि धारा 10(10D) के आठवें परंतुक (a) के अंतर्गत कर-मुक्त है, चाहे प्रीमियम कितना भी हो। भारत में estate duty नहीं है (16 मार्च 1985 के बाद की मृत्यु पर), उत्तराधिकार कर नहीं, और वसीयत या विरासत से प्राप्त संपत्ति धारा 56(2)(x) से बाहर है। सीधे portfolio के वारिस पुराने मालिक की cost लेकर चलते हैं (धारा 49(1)) और बेचने पर संचित लाभ पर कर चुकाते हैं; पॉलिसी का पूरा मूल्य नॉमिनी या ट्रस्ट को कर-मुक्त मिलता है। प्रक्रिया उत्तराधिकार नियोजन पृष्ठ पर है।

RNOR विंडो क्या है और पॉलिसी के लिए क्यों मायने रखती है?

धारा 6(6) के अंतर्गत लौटा NRI, जो पिछले दस में से नौ वर्ष अनिवासी रहा या पिछले सात वर्षों में 729 दिन या कम भारत में रहा, सामान्यतः 2 से 3 कर वर्षों तक "निवासी लेकिन सामान्य निवासी नहीं" रहता है। धारा 5(1) के परंतुक से इस अवधि में भारत के बाहर उपार्जित और भारत के बाहर प्राप्त आय भारत में कर योग्य नहीं, और Schedule FA नहीं भरनी। विदेशी पॉलिसी का आंशिक सरेंडर विदेश में इसी विंडो में किया जा सकता है। भारत में प्राप्त राशि RNOR के लिए भी कर योग्य है।

LRS से प्रीमियम भेजने पर TCS कितना है?

धारा 206C(1G) (2025 अधिनियम में धारा 394(1)) के अंतर्गत LRS प्रेषण पर ₹ 10 लाख प्रति वित्त वर्ष से ऊपर की राशि पर "अन्य उद्देश्यों" के लिए 20 प्रतिशत TCS; USD 2,50,000 (लगभग ₹ 2.4 करोड़) पर लगभग ₹ 46 लाख। यह अंतिम कर नहीं है: Form 26AS में दिखता है, ITR में credit होता है और शेष धारा 244A ब्याज सहित refund। परंतु जीवन बीमा प्रीमियम LRS का अनुमत उद्देश्य नहीं है, इसलिए यह प्रश्न व्यवहार में तभी उठता है जब कोई अन्य ढाँचा वैध हो।

क्या पॉलिसी आयकर विभाग को दिखती है?

हाँ, हर वर्ष। ROR करदाता Schedule FA की "Foreign Cash Value Insurance Contract" तालिका में surrender value घोषित करता है; बीमाकर्ता का देश CRS (भारत में 2017 से) के ज़रिये पॉलिसी CBDT को रिपोर्ट करता है; अमेरिकी संबंध पर FATCA। न बताने पर काला धन अधिनियम, 2015: 30 प्रतिशत कर, ₹ 10 लाख प्रति वर्ष दंड और अभियोजन। PPLI की गोपनीयता जनता, वादी और व्यावसायिक साझेदारों से है, कर प्राधिकरण से कभी नहीं।

क्या विदेशी बीमाकर्ता की पॉलिसी भारतीय कर में "जीवन बीमा पॉलिसी" है?

दो न्यायाधिकरण निर्णय हाँ कहते हैं: ITAT मुंबई, Taragauri T. Doshi (2012), और ITAT दिल्ली, Sarvesh Naidu (अगस्त 2026), दोनों ने धारा 2(28BB) की "भारतीय बीमाकर्ता" परिभाषा को 10(10D) में लागू करने से मना किया। ये न्यायाधिकरण निर्णय हैं, स्थापित विधि नहीं, और PPLI के पैमाने पर ₹ 5 लाख की सीमा किसी भी मामले में छूट समाप्त कर देती है। उनका महत्व यह है कि मृत्यु लाभ की छूट और प्राप्ति-आधारित कर विदेशी पॉलिसी पर भी लागू माने जाते हैं।

स्रोत और प्राधिकार

यहाँ वर्णित उपचार कानून से निकलता है, बाज़ार से नहीं। यह निम्न प्राथमिक स्रोतों पर आधारित है, 18 सितंबर 2026 की स्थिति में पढ़े गए। द्वितीयक स्रोत पर टिकी हर पंक्ति पाठ में "व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार" या "रिपोर्ट किए गए" से चिह्नित है। यह किसी विशिष्ट मामले की राय नहीं है।
  • FEMA 12(R)/2015-RB, Foreign Exchange Management (Insurance) Regulations, 2015: Reg. 3 (health insurance, LRS सीमा), Reg. 4 (जीवन बीमा, RBI अनुमति, सात दिन में प्रत्यावर्तन), Reg. 4(ii) (अनिवासी रहते ली गई पॉलिसी रखना)। RBI Master Direction No. 9/2015-16 (बीमा), taxguru पुनरुत्पादन से।
  • RBI Master Direction, Liberalised Remittance Scheme (6 सितंबर 2024 तक अद्यतन) और RBI LRS FAQ: USD 2,50,000 सीमा, अनुमत उद्देश्य, बीमा प्रीमियम की अनुपस्थिति।
  • धारा 206C(1G), 1961 अधिनियम (2025 अधिनियम: धारा 394(1)): Finance Act 2025 की ₹ 10 लाख सीमा और 2026 बजट भाषण की दरें, द्वितीयक स्रोतों से।
  • धारा 10(10D), 1961 अधिनियम: उप-खंड (d), चौथे से आठवें परंतुक; CBDT परिपत्र 15/2023 और Rule 11UACA (EY नोट से); धारा 45(1B), Rule 8AD, धारा 56(2)(xiii), धारा 112(1)(a), धारा 5, धारा 6(1), 6(1A), 6(6)।
  • ITAT मुंबई, Taragauri T. Doshi v ITO, ITA No. 549/Mum/2010 (12 मार्च 2012); ITAT दिल्ली, Sarvesh Naidu v DDIT (Inv.) (11 अगस्त 2026; ITA संख्या हमारे स्रोत में नहीं)।
  • Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015: धाराएँ 3, 42, 43, 49, 50; Finance (No. 2) Act 2024 की ₹ 20 लाख राहत। CBDT Guidance Note on FATCA/CRS: धारा 285BA, Rules 114F से 114H, cash value insurance contract।
  • Income-tax Act, 2025 (Act 30 of 2025), 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी; पत्राचार द्वितीयक तालिकाओं से।
  • मेज़बान देश: u.ae (UAE व्यक्तिगत आयकर नहीं); IRAS (सिंगापुर estate duty 15 फरवरी 2008 से समाप्त); KPMG UK (FIG regime, IHT निवास-आधारित); IRS (§4371 excise tax), §7702।
अंतिम समीक्षा: 18 सितंबर 2026। यह पृष्ठ जानकारी के लिए है और कानूनी या कर सलाह नहीं है। हमारे संपादकीय मानक बताते हैं कि हम इस सामग्री की जाँच और सुधार कैसे करते हैं।

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Eldar Edmond Grady
लेखक
Eldar Edmond Grady
CEO, PPLI.com
प्राथमिक कानूनी स्रोतों से मिलान किया गया। उद्धृत अधिनियम, विनियम, निर्णय और परिपत्र पाठ में हैं ताकि हर कथन अपने आधार के बगल में पढ़ा जा सके।
समीक्षा: 18 सितंबर 2026
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