🌐||||||||||
PPLI.com
Private Placement Life Insurance का स्वतंत्र वैश्विक केंद्र
गोपनीय परामर्श
मुख्य पृष्ठ › PPLI ज्ञान केंद्र › उत्तराधिकार नियोजन
उत्तराधिकार नियोजन · PPLI का एक लाभ

उत्तराधिकार नियोजन: PPLI से अगली पीढ़ी तक क्या और कैसे पहुँचता है

भारत में 1985 से estate duty नहीं है, इसलिए यह पृष्ठ कर बचत के बारे में नहीं, प्रक्रिया के बारे में है। आपके नाम का विदेशी पोर्टफोलियो मृत्यु के दिन जम जाता है, वारिस भारत और विदेश में अलग-अलग न्यायालयीन प्रमाण जुटाते हैं, और बाद की बिक्री पर पुरानी लागत के आधार पर कर चुकाते हैं। पॉलिसी का मृत्यु लाभ बीमाकर्ता से सीधे नॉमिनी या ट्रस्ट तक जाता है, प्रीमियम चाहे जितना हो धारा 10(10D) के तहत कर-मुक्त, और probate के बिना।
एक ही पूंजी, दो रास्ते
0
नॉमिनी के दावे के लिए न्यायालयीन कार्यवाहियाँ: बीमा अधिनियम की धारा 39 के तहत बीमाकर्ता मृत्यु प्रमाणपत्र और दावा प्रपत्र पर सीधे भुगतान करता है
2
विदेश में सीधे रखे पोर्टफोलियो के लिए आम तौर पर ज़रूरी प्रक्रियाएँ: भारत में उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या probate (जहाँ माँगा जाए), और विदेश में grant या resealing
बीमा अधिनियम 1938, धारा 39(7)-(8); भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 (धारा 213 2025 में हटी); धारा 10(10D), आठवाँ परंतुक। महीनों और लागत का कोई सत्यापित औसत नहीं: टूल में अपना अनुमान लिखें।
एक मिनट में

पूंजी उत्तराधिकार की कतार से क्यों बाहर निकलती है, और क्या वैसा ही रहता है

01
PPLI के बिना

सिंगापुर या लंदन के ब्रोकर के पास आपके नाम का खाता मृत्यु की सूचना पर जम जाता है। Custodian उस देश का grant या भारतीय grant की resealing माँगता है; भारत में बैंक अब भी probate या उत्तराधिकार प्रमाणपत्र माँग सकते हैं, हालाँकि धारा 213 की अनिवार्यता 2025 में हट गई। वसीयत न हो तो हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की श्रेणी I के वारिस बराबर हिस्से पाते हैं। निवासी वारिस बाद में बेचें तो 12.5% LTCG, लागत पिछले मालिक की (धारा 49)।

02
PPLI के साथ

मृत्यु लाभ बीमाकर्ता से सीधे नॉमिनी या ट्रस्ट को जाता है। पति/पत्नी, संतान या माता-पिता नॉमिनी हों तो धारा 39(7) उन्हें "लाभार्थी नॉमिनी" बनाती है: रकम उनकी है। मृत्यु पर मिली रकम धारा 10(10D) के आठवें परंतुक से कर-मुक्त है; ₹ 5 लाख प्रीमियम की सीमा यहाँ लागू नहीं होती। न estate duty, न probate, न बाद की बिक्री पर पुरानी लागत का बोझ।

03
बारीक अक्षर

भाई या मित्र को नॉमिनी बनाएँ तो वह कानूनी वारिसों के लिए ट्रस्टी भर है (Sarbati Devi, 1984)। पॉलिसी HUF में बेटियों के जन्मसिद्ध हिस्से (2005 संशोधन) को नहीं छूती। पॉलिसीधारक UK का दीर्घकालिक निवासी या US person हो तो वहाँ का estate tax पॉलिसी पर भी लग सकता है, जब तक वह ट्रस्ट में न हो। और भारतीय निवासी नई विदेशी पॉलिसी RBI की अनुमति के बिना नहीं ले सकता: यह रास्ता NRI रहते बनता है।

एक परिवार के छह मोड़

एक ही परिवार, दो बार। छह में से दो मामले पॉलिसी के विरुद्ध जाते हैं, और वैसे ही लिखे गए हैं।

दुबई का NRI, सिंगापुर में ब्रोकरेज खाता, वारिस भारत में

PPLI के बिना

सिंगापुर का custodian वहाँ का grant या भारतीय grant की resealing माँगता है; तब तक खाता जमा। विरासत पर कर नहीं (धारा 56(2)(x)), पर बाद की बिक्री पर पूरी वृद्धि पर 12.5% LTCG, लागत मृतक की। खाता हर साल Schedule FA में।

PPLI के साथ

बीमाकर्ता मृत्यु प्रमाणपत्र और दावे पर नॉमिनी को भुगतान करता है, किसी न्यायालय के बिना। रकम 10(10D) से कर-मुक्त, वारिस के हाथ में नकद। पॉलिसी NRI रहते ली गई, इसलिए FEMA का प्रश्न नहीं।

मुंबई का उद्यमी, पत्नी नॉमिनी

PPLI के बिना

Demat खाते का नॉमिनी केवल संभालने वाला है: Shakti Yezdani (2023) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि शेयरों का नामांकन उत्तराधिकार का तरीका नहीं है। पत्नी को अन्य श्रेणी I वारिसों की सहमति या प्रमाणपत्र चाहिए।

PPLI के साथ

पत्नी धारा 39(7) के तहत लाभार्थी नॉमिनी है: मृत्यु लाभ उसका है। MWPA 1874 की धारा 6 के तहत ली गई पॉलिसी तो शुरू से पत्नी और बच्चों का ट्रस्ट है, पति की संपदा और लेनदारों से बाहर।

पॉलिसी के विरुद्ध

नॉमिनी भाई या मित्र है

PPLI के बिना

पोर्टफोलियो वसीयत या हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम से बँटता है; नॉमिनी की भूमिका प्रक्रियागत है।

PPLI के साथ

वही परिणाम। धारा 39(7) की सुविधा सिर्फ पति/पत्नी, संतान और माता-पिता के लिए है; कोई और नॉमिनी रकम कानूनी वारिसों के लिए ट्रस्टी की तरह पाता है (Sarbati Devi, 1984)। जिसे देना है उसे देने के लिए वसीयत, assignment (धारा 38) या ट्रस्ट चाहिए।

पॉलिसी के विरुद्ध

पॉलिसीधारक UK का दीर्घकालिक निवासी बन चुका है

PPLI के बिना

6 अप्रैल 2025 से UK का inheritance tax निवास-आधारित है: 20 में से 10 कर-वर्ष UK में रहे व्यक्ति की विश्वव्यापी संपदा पर, nil-rate band के ऊपर 40% (व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार)।

PPLI के साथ

मृतक के नाम की पॉलिसी उसी संपदा का हिस्सा है; दर कम नहीं होती। ट्रस्ट में लिखी पॉलिसी बाहर रह सकती है, पर वह UK की सलाह का विषय है। भारतीय कानून का लाभ यहाँ UK के कर को नहीं छूता।

HUF, दो बेटियाँ, एक बेटा

PPLI के बिना

2005 के संशोधन के बाद बेटियाँ जन्म से बराबर की coparcener हैं। बँटवारा, मूल्यांकन और अक्सर मुकदमा; व्यक्तिगत पोर्टफोलियो अलग से बँटता है।

PPLI के साथ

व्यक्तिगत आय से ली गई पॉलिसी HUF की संपत्ति नहीं है: उसका मृत्यु लाभ नामित हिस्सों में, नकद और विवाद से पहले पहुँचता है। पॉलिसी coparcenary अधिकारों को नहीं बदलती; वह उनके बगल में एक स्पष्ट, तरल हिस्सा बनाती है।

वारिस अमेरिका में, पूंजी भारत और विदेश में

PPLI के बिना

US person वारिस भारतीय म्यूचुअल फंड पाए तो PFIC नियम, बड़ी विदेशी विरासत पर Form 3520 और FBAR (व्यवसायी विश्लेषण; सत्यापित नहीं)। NRI वारिस भारत से प्रति वित्त वर्ष USD 1 मिलियन तक प्रत्यावर्तन कर सकता है, RBI की शर्तों पर।

PPLI के साथ

वारिस को नकद मिलता है, न PFIC, न probate। मृतक US person न हो तो US estate tax का प्रश्न पॉलिसी पर नहीं उठता; हो तो पॉलिसी IRC 7702 के अनुरूप होनी चाहिए। वारिस की अपनी सूचना-देयताएँ रहती हैं।

नामांकन पूंजी को न्यायालय की कतार से बाहर रखता है; अनुबंध उसे प्राप्ति तक बिना वार्षिक कर के बढ़ने देता है (कर दक्षता)। इस पूंजी को कौन देख और कौन पहुँच सकता है: गोपनीयता और विश्वसनीयता और संपत्ति सुरक्षा।

अगली पीढ़ी तक क्या पहुँचता है, आपके आँकड़ों से

टूल संपदा के विदेशी हिस्से पर दो रास्तों की तुलना करता है: आपके नाम का विदेशी पोर्टफोलियो, जो मृत्यु पर जमता है और वारिसों की बाद की बिक्री पर कर देता है; और उसी रकम का मृत्यु लाभ, जो नॉमिनी या ट्रस्ट को सीधे मिलता है। सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है। हर प्रतिशत संपादन योग्य है; कोई सत्यापित औसत नहीं है।
आपके आँकड़े
एक संपदा, आगे बढ़ाने के दो तरीके
परिवार का निवास (मृतक और वारिस)
भारतUAEUKUSसिंगापुर
परिवार का प्रकार
एकल परिवारHUFपुनर्विवाह वाला परिवार
पॉलिसी किसके नाम
स्वयं, नॉमिनी नामितMWPA या ट्रस्ट
विदेशी पोर्टफोलियो आपके नाम: वारिसों को शुद्ध
पॉलिसी का मृत्यु लाभ: नॉमिनी या ट्रस्ट को शुद्ध
विदेशी हिस्सा, दोनों रास्तों पर
न्यायालयीन प्रक्रिया की लागत, पोर्टफोलियो
विदेशी estate tax, पोर्टफोलियो
वारिसों की बाद की बिक्री पर आयकर
विदेशी estate tax, पॉलिसी
मृत्यु लाभ पर भारतीय आयकर
पॉलिसी के पक्ष में अंतर
प्रति वारिस
कौन पाता है और कब
मॉडल के बाहर: पॉलिसी की अपनी लागत (लागत और अर्थशास्त्र), संपदा का भारतीय हिस्सा, और जीवनकाल में पोर्टफोलियो का चुकाया कर (कर दक्षता)।
पहले अंतर की पंक्ति पढ़ें। उसका एक हिस्सा, प्रक्रिया की लागत और तुरंत तरलता, निश्चित है। दूसरा, वारिसों की बाद की बिक्री पर कर, इस पर निर्भर है कि वे कब और कहाँ बेचते हैं। तीसरा, विदेशी estate tax, केवल UK और US से जुड़े परिवारों का प्रश्न है, और वहाँ पॉलिसी अपने आप कुछ नहीं बचाती। भारत में बचाने को estate duty है ही नहीं; जो व्यवस्था, तरलता और बिना कतार के हस्तांतरण चाहते हैं, आगे पढ़ें।
उत्तराधिकार समीक्षा

आपका पीढ़ीगत हस्तांतरण, संरचित

एक स्वतंत्र समीक्षा मौजूदा ढाँचे की कमज़ोर कड़ियाँ ढूँढती है: नामांकन, coparcenary हिस्से, दो देशों में वारिस।
गोपनीय। कभी साझा नहीं की जाती।

नॉमिनी बनाम कानूनी वारिस: बीमा अधिनियम की धारा 39

मृत्यु लाभ वसीयत नहीं, अनुबंध का पालन है, नामित व्यक्ति के पक्ष में। बाकी सब इसी से निकलता है, सीमाएँ भी।
1984 में सर्वोच्च न्यायालय ने Sarbati Devi बनाम Usha Devi में कहा कि नॉमिनी केवल रकम पाने का अधिकारी है, रखने का नहीं; वह कानूनी वारिसों के लिए ट्रस्टी है। बीमा विधि (संशोधन) अधिनियम 2015 ने धारा 39 में उपधाराएँ (7) और (8) जोड़ीं: माता-पिता, पति/पत्नी या संतान नॉमिनी हों तो वे "लाभार्थी नॉमिनी" हैं और रकम के हकदार हैं। Shakti Yezdani (2023) में सर्वोच्च न्यायालय ने कंपनी शेयरों के लिए दोहराया कि नामांकन उत्तराधिकार का तरीका नहीं है। व्यावहारिक नियम: नॉमिनी वही हो जिसे रकम देनी है और जो धारा 39(7) की सूची में हो; बाकी के लिए ट्रस्ट या assignment (धारा 38)। तुलना नॉमिनी बनाम ट्रस्ट में है।

मृत्यु पर भारतीय आयकर नहीं लगता

धारा 10(10D) के छठे और सातवें परंतुक 1 अप्रैल 2023 के बाद जारी और ₹ 5 लाख से अधिक वार्षिक प्रीमियम वाली पॉलिसी की मैच्योरिटी या सरेंडर की छूट छीन लेते हैं। आठवाँ परंतुक (वित्त अधिनियम 2025) कहता है कि ये सीमाएँ मृत्यु पर मिली रकम पर लागू नहीं होतीं। PPLI के पैमाने का मृत्यु लाभ इसलिए कर-मुक्त है। ITAT ने Taragauri Doshi (मुंबई, 2012) और Sarvesh Naidu (दिल्ली, अगस्त 2026) में विदेशी बीमाकर्ता की पॉलिसी पर भी 10(10D) माना; ये अधिकरण के निर्णय हैं, स्थापित विधि नहीं। धाराएँ 1961 अधिनियम की हैं (1961 अधिनियम; 2025 अधिनियम में समतुल्य धारा), जो 1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम 2025 में बदल गया; समतुल्य धारा आपका CA पुष्ट करे।

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 और 2005 का संशोधन

वसीयत न हो तो आपके नाम का पोर्टफोलियो इसी कानून से बँटता है। पॉलिसी इसके बगल में एक अलग, अनुबंधित हिस्सा बनाती है।
हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख पुरुष की बिना वसीयत की संपत्ति श्रेणी I के वारिसों में बराबर बँटती है: विधवा, पुत्र, पुत्री और माता। 2005 के संशोधन ने धारा 6 बदलकर बेटियों को जन्म से coparcener बनाया: HUF की पैतृक संपत्ति में उनका हिस्सा बेटों के बराबर है।
पॉलिसी क्या बदलती है: व्यक्तिगत आय से लिया अनुबंध व्यक्तिगत संपत्ति है, HUF की नहीं; मृत्यु लाभ श्रेणी I की सूची से नहीं, नामांकन से जाता है। क्या नहीं बदलती: coparcenary में बेटियों का हिस्सा, और वह विवाद जो तब होता है जब एक वारिस को पूरी पॉलिसी मिले। पुनर्विवाह वाले परिवार में, जहाँ पहली शादी की संतान और दूसरी पत्नी दोनों श्रेणी I में हैं, नामांकन अकेले शांति नहीं लाता; लिखित हिस्सों वाला ट्रस्ट लाता है। उदाहरण पारिवारिक विवाद और PPLI में हैं।

वसीयत, probate और 2025 का बदलाव

दशकों तक मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में वसीयत के तहत अधिकार जताने के लिए probate अनिवार्य था। 2025 में वह अनिवार्यता कानून से हट गई; व्यवहार से अभी नहीं।
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 की धारा 57 पूर्व प्रेसीडेंसी नगरों की हिंदू वसीयतों पर अधिनियम लागू करती है, और धारा 213 कहती थी कि probate के बिना कोई executor या legatee न्यायालय में अधिकार स्थापित नहीं कर सकता। निरसन और संशोधन अधिनियम 2025 (स्वीकृति 20 दिसंबर 2025) ने धारा 213 हटा दी। व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार probate अब कानूनी शर्त नहीं है; पर बैंक, depository और सहकारी समितियाँ उसे या उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (धारा 372) माँगती रहेंगी, और विदेशी custodian लगभग हमेशा अपने देश का grant या resealing माँगता है। "मुंबई में probate अनिवार्य है" अब गलत है; "probate अब भी माँगा जाता है" सही है। पॉलिसी इस प्रक्रिया के बाहर चलती है, क्योंकि भुगतान वसीयत के तहत नहीं, अनुबंध के तहत है। वसीयत फिर भी चाहिए: पॉलिसी के बाहर की हर चीज़ के लिए।

MWPA ट्रस्ट और निजी विवेकाधीन ट्रस्ट

दो ट्रस्ट, दो उद्देश्य। पहला डेढ़ सौ साल पुराना और मुफ़्त; दूसरा लचीला, अपनी कर-दर के साथ।
विवाहित महिला संपत्ति अधिनियम 1874 की धारा 6 के तहत विवाहित पुरुष अपने जीवन पर ऐसी पॉलिसी ले सकता है जो "पत्नी, या पत्नी और संतान" के लाभ के लिए अभिव्यक्त हो। वह शुरू से ट्रस्ट मानी जाती है, "पति के नियंत्रण में, या उसके लेनदारों के अधीन, या उसकी संपदा का भाग" नहीं रहती। धारा 39(7) इसे नामांकन के नियमों से अलग रखती है। सीमाएँ: केवल विवाहित पुरुष, केवल पत्नी और संतान, अपरिवर्तनीय; लेनदारों को धोखा देने के इरादे से ली गई पॉलिसी पर परंतुक लेनदार का अधिकार बचाता है।
भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 का निजी ट्रस्ट पॉलिसीधारक या नॉमिनी हो सकता है और पीढ़ियों तक हिस्से और शर्तें तय कर सकता है। कीमत कर में है: लाभार्थियों के हिस्से अनिश्चित हों तो आय धारा 164(1) के तहत अधिकतम सीमांत दर (MMR) पर कर योग्य है; ITAT मुंबई की विशेष पीठ ने Araadhya Jain Trust (9 अप्रैल 2025) में कहा कि surcharge स्लैब के अनुसार लगेगा, सपाट 37% नहीं। मृत्यु लाभ स्वयं कर-मुक्त है, प्राप्तकर्ता ट्रस्ट हो तब भी; MMR उसके बाद की आय पर लगता है। विदेशी ट्रस्ट का प्रश्न भारत लौटने वाले NRI पृष्ठ पर है।

NRI वारिस, FEMA और सीमा-पार संपत्ति

NRI भारत में संपत्ति विरासत में पा सकता है; विरासत पर धारा 56(2)(x) कर नहीं लगाती। प्रत्यावर्तन के लिए RBI की व्यवस्था, व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार, NRO खाते से प्रति वित्त वर्ष USD 1 मिलियन तक की अनुमति देती है, CA के प्रमाणपत्र और कर-चुकता होने की शर्त पर। विदेशी पॉलिसी का मृत्यु लाभ विदेश में मिलता है, इसलिए NRI वारिस के लिए यह प्रश्न उठता ही नहीं। भारतीय निवासी वारिस के लिए दो बातें: FEMA 12(R) नियम 4 का परंतुक कहता है कि जिस पॉलिसी का प्रीमियम भारत से भेजा गया, उसका दावा सात दिन में भारत लाना होगा; और विदेश में मिली रकम अगले ITR के Schedule FA में आती है।
सीमा-पार पोर्टफोलियो की असली कठिनाई situs है। व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार non-US person की US-situs संपत्ति पर USD 60,000 से ऊपर US estate tax लग सकता है, दर 40% तक; भारत की US या UK के साथ estate tax पर संधि नहीं है। सिंगापुर में 15 फरवरी 2008 के बाद estate duty नहीं; UAE में विरासत कर नहीं, और गैर-मुस्लिम DIFC Wills Registry में वसीयत दर्ज कर सकते हैं। सिंगापुर या लक्ज़मबर्ग के बीमाकर्ता की पॉलिसी का भुगतान अनुबंध से होता है, किसी देश के probate से नहीं। UK या US से जुड़े परिवार के लिए वहाँ की सलाह पॉलिसी से पहले आती है।

PPLI क्या नहीं करता

वह estate duty नहीं बचाता, क्योंकि वह है ही नहीं

Estate Duty अधिनियम 1953 16 मार्च 1985 के बाद की मृत्यु पर लागू नहीं; उपहार कर अधिनियम 1958 1 अक्टूबर 1998 के बाद नहीं। भारत में पॉलिसी का उत्तराधिकार-लाभ प्रक्रिया, तरलता और नियंत्रण में है।

वह वसीयत, ट्रस्ट या coparcenary हिस्सों की जगह नहीं लेता

नामांकन तय करता है कि एक नकद रकम किसे मिलेगी; वह कंपनी, मकान या HUF की संपत्ति का उत्तराधिकार नहीं तय करता। पॉलिसी परिवार को सूट करती है या नहीं: पहले यह किसके लिए है, फिर लागत और अर्थशास्त्र और PPLI क्या है।

वह भारतीय निवासी के लिए नया दरवाज़ा नहीं खोलता

FEMA 12(R)/2015-RB के नियम 4 के तहत भारत का निवासी विदेशी बीमाकर्ता की जीवन बीमा पॉलिसी RBI की विशिष्ट या सामान्य अनुमति से ही ले या रख सकता है; कोई सामान्य अनुमति प्रकाशित नहीं है और LRS में जीवन बीमा प्रीमियम सूचीबद्ध उद्देश्य नहीं है। नियम 4(ii) के तहत NRI रहते ली गई पॉलिसी लौटने के बाद रखी जा सकती है। इसलिए यह योजना NRI रहते बनती है, या परिवार के NRI सदस्यों के ज़रिए; निवासी के लिए GIFT City का रास्ता अभी अनिर्णीत है। ब्योरा LRS, FEMA और विदेशी बीमा में है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मृत्यु लाभ भारत में probate से गुज़रता है?

नहीं, जब नॉमिनी नामित है: बीमाकर्ता मृत्यु प्रमाणपत्र और दावे पर अनुबंध के तहत भुगतान करता है। नॉमिनी धारा 39(7) की सूची (पति/पत्नी, संतान, माता-पिता) के बाहर हो तो रकम कानूनी वारिसों की है।

क्या मृत्यु लाभ पर आयकर लगता है?

नहीं। धारा 10(10D) का आठवाँ परंतुक प्रीमियम की ₹ 5 लाख की सीमा को मृत्यु पर मिली रकम पर लागू नहीं करता। विदेशी बीमाकर्ता पर भी ITAT ने Doshi (2012) और Naidu (2026) में छूट मानी; ये अधिकरण के निर्णय हैं।

भारत में विरासत पर कोई कर है?

नहीं। Estate duty 1985 में, उपहार कर 1998 में समाप्त; विरासत धारा 56(2)(x) से बाहर है। निवासी वारिस विरासत का पोर्टफोलियो बाद में बेचें तो पूंजीगत लाभ लगता है, लागत पिछले मालिक की।

नॉमिनी और कानूनी वारिस में फर्क क्या है?

पति/पत्नी, संतान या माता-पिता नॉमिनी हों तो 2015 से वे रकम के हकदार लाभार्थी नॉमिनी हैं। कोई और नॉमिनी Sarbati Devi (1984) के अनुसार वारिसों के लिए ट्रस्टी है। शेयरों का नॉमिनी हमेशा केवल ट्रस्टी है (Shakti Yezdani, 2023)।

क्या 2025 के बाद probate अब भी चाहिए?

कानूनन नहीं: निरसन और संशोधन अधिनियम 2025 ने धारा 213 हटा दी। व्यवहार में बैंक, depository और विदेशी custodian probate, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या स्थानीय grant माँगते रहते हैं।

MWPA पॉलिसी कौन ले सकता है?

केवल विवाहित पुरुष, अपने जीवन पर, पत्नी या पत्नी और संतान के लिए। पॉलिसी शुरू से ट्रस्ट है, पति की संपदा और लेनदारों से बाहर, और अपरिवर्तनीय। धोखे के इरादे से ली गई हो तो सुरक्षा नहीं।

वारिस NRI हों तो क्या बदलता है?

विदेशी पॉलिसी का मृत्यु लाभ विदेश में मिलता है, प्रत्यावर्तन का प्रश्न नहीं उठता। भारत की विरासत के लिए, व्यवसायी विश्लेषण के अनुसार, NRO खाते से प्रति वित्त वर्ष USD 1 मिलियन तक प्रत्यावर्तन संभव है।

क्या भारत का निवासी यह पॉलिसी ले सकता है?

नई विदेशी जीवन बीमा पॉलिसी के लिए FEMA 12(R) नियम 4 के तहत RBI की अनुमति चाहिए; कोई सामान्य अनुमति प्रकाशित नहीं है। NRI रहते ली गई पॉलिसी नियम 4(ii) के तहत लौटने के बाद रखी जा सकती है।

स्रोत और प्राधिकार

स्थिति 18 सितंबर 2026। किसी विशेष मामले पर राय नहीं।
  • बीमा अधिनियम 1938, धारा 39 (2015 संशोधन से उपधाराएँ (7)-(8)) और धारा 38।
  • आयकर अधिनियम 1961, धारा 10(10D), छठा से आठवाँ परंतुक; धाराएँ 56(2)(x), 164(1); ITAT Doshi (ITA 549/Mum/2010) और Sarvesh Naidu (दिल्ली, 11 अगस्त 2026), द्वितीयक सारांश से।
  • हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956, धाराएँ 6 (2005 संशोधन) और 8; भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925, धाराएँ 57, 372; धारा 213 का निरसन और संशोधन अधिनियम 2025 से हटना (Khaitan & Co. का विश्लेषण)।
  • विवाहित महिला संपत्ति अधिनियम 1874, धारा 6।
  • FEMA 12(R)/2015-RB, नियम 4 और 4(ii); NRI प्रत्यावर्तन सीमा द्वितीयक स्रोत से।
  • UK IHT (KPMG UK), US estate tax, situs, PFIC: व्यवसायी विश्लेषण, प्राथमिक पाठ में सत्यापित नहीं। सिंगापुर: IRAS। DIFC Wills: DIFC Courts।
अंतिम अद्यतन: 18 सितंबर 2026। यह पृष्ठ जानकारी के लिए है, कानूनी या कर सलाह नहीं। हमारे संपादकीय मानक बताते हैं कि हम इस सामग्री की जाँच और सुधार कैसे करते हैं।
ज्ञान केंद्र · आगे पढ़ें

उत्तराधिकार नियोजन पर लेख

एक गोपनीय बातचीत शुरू करें

स्वतंत्र विश्लेषण। किसी बीमाकर्ता से संबद्धता नहीं।
गोपनीय परामर्श का अनुरोध करें
Eldar Edmond Grady
लेखक
Eldar Edmond Grady
CEO, PPLI.com
कानूनी प्राथमिक स्रोतों से मिलान किया गया। उद्धृत अधिनियम, निर्णय और परिपत्र पाठ में हैं, ताकि हर कथन अपने आधार के बगल में पढ़ा जा सके।
अंतिम अद्यतन: 18 सितंबर 2026
संपादकीय मानक
Private consultation →
Step 1 of 2

Tell us about yourself

Encrypted. Never shared with third parties.

Private consultation →
Step 1 of 2

Tell us about yourself

Encrypted. Never shared with third parties.

Continue →
✦Research assistant
✦PPLI.comResearch assistant
Explore PPLI questions and suitability factors
Ask a general question about PPLI, or explore the factors that affect suitability. Treat the answer as a starting point and check the linked sources.
Use the research with your own tax, legal and insurance advisers.
Preparing an answer
AI assistant. Educational information only. It does not determine eligibility or provide personal tax, legal, investment or insurance advice.